आशा भोसले ने 20 से अधिक भाषाओं में 12 हज़ार से ज़्यादा गाने गाए. आशा भोसले बीते 70 सालों से हिंदी सिनेमा का हिस्सा रही हैं.
बचपन में घर के बुरे हालात के कारण आशा भोसले और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने गाना शुरू किया.
आशा भोसले को महज़ 16 साल की उम्र में बड़ी बहन लता के सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से प्यार हो गया. गणपत राव उनसे उम्र में 15 साल बड़े थे।.आशा भोसले ने घर से भागकर उनसे शादी कर ली.
शादी के बाद लता और आशा भोसले के रिश्ते ख़राब हो गए. शादी के बाद गणपत राव आशा के साथ मारपीट करते थे. उन्होंने आशा को घर से निकाल दिया था. उस समय आशा दो बच्चों के साथ थीं और तीसरे बच्चे की मां बनने वाली थीं.
करीब 20 साल अकेले रहने के बाद आशा भोसले ने पंचम दा, यानी आर.डी. बर्मन से साल 1980 में दूसरी शादी की. पंचम दा आशा ताई से 6 साल छोटे थे. आर.डी. बर्मन का परिवार इस शादी के ख़िलाफ़ था.
साल 1994 में पंचम दा का निधन हुआ. साल 2012 में आशा भोसले की बेटी वर्षा ने आत्महत्या कर ली थी. 2015 में बेटे हेमंत का कैंसर से निधन हो गया, जिसके बाद आशा काफ़ी अकेली हो गईं.
आशा एक इंटरव्यू में बताती हैं कि अगर वो गायिका नहीं होतीं, तो शेफ होतीं. दुबई और कुवैत में उनके नाम से रेस्टोरेंट भी हैं
आशा भोसले ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक हिट और सदाबहार गाने दिए, जिनमें 'अभी न जाओ छोड़कर', 'इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों', 'उड़े जब-जब ज़ुल्फें तेरी', 'दम मारो दम' आदि शामिल हैं।
आशा भोसले का नाम दो बार गिनीज बुक में दर्ज हुआ. वह पहली भारतीय गायिका बनीं, जिन्हें ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला.
आशा भोसले को साल 2000 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और साल 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. उन्हें 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड और 2 नेशनल अवॉर्ड भी मिले..

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