विकास अहिरवार केस: सुसाइड नोट मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं, बहन ने एसपी ऑफिस में लगाई गुहार

 

छतरपुर जिले के नौगांव क्षेत्र में 34 वर्षीय विकास अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। मृतक की जेब से कथित सुसाइड नोट मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर अब सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भी आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है।

परिजनों के मुताबिक, 22 अप्रैल 2026 को विकास अहिरवार अचानक घर पहुंचे और काफी तनाव में दिखाई दे रहे थे। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। पहले उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, फिर हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बाद में झांसी रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब पोस्टमार्टम के दौरान मृतक की जेब से एक कथित सुसाइड नोट मिला। नोट में एक युवती और उसके परिवार पर आर्थिक, मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। नोट में बार-बार पैसे मांगने, ऑनलाइन खरीदारी करवाने, टिकट बुक करवाने और धमकी देने जैसी बातें लिखी होने का दावा किया जा रहा है।

परिजनों का आरोप है कि मृतक को लंबे समय से ब्लैकमेल किया जा रहा था। वहीं सुसाइड नोट में कुछ मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन का भी जिक्र बताया गया है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार नाराज है।

मंगलवार को मृतक की बहन और अन्य परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और जल्द कार्रवाई की मांग की। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।

मामले को लेकर भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।



वहीं सीएसपी अरुण कुमार सोनी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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