दतिया उपचुनाव: कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार, भाजपा के आशुतोष तिवारी से होगा सीधा मुकाबला
भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव का राजनीतिक मुकाबला अब पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब कांग्रेस ने भी पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही दतिया उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है।
कांग्रेस संगठन ने भोपाल और दिल्ली स्तर पर पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद घनश्याम सिंह के नाम का औपचारिक ऐलान किया। घनश्याम सिंह दतिया राजघराने से जुड़े प्रमुख राजनीतिक चेहरे हैं और क्षेत्र में उनका लंबे समय से प्रभाव माना जाता है।
प्रत्याशी घोषित होने के बाद क्या बोले घनश्याम सिंह
उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद घनश्याम सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आदेश के बाद उन्होंने चुनावी तैयारियां पूरी कर ली हैं और कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में उतर चुके हैं। उनके नाम की घोषणा के बाद दतिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है
आशुतोष तिवारी बनाम घनश्याम सिंह
भाजपा ने इस उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर पूर्व मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने अनुभवी नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुकाबला संगठनात्मक ताकत और अनुभव के साथ-साथ स्थानीय जनाधार की भी परीक्षा होगा। आशुतोष तिवारी संगठन और प्रशासनिक अनुभव के साथ मैदान में हैं, जबकि घनश्याम सिंह अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव के सहारे चुनाव लड़ेंगे।
घनश्याम सिंह का राजनीतिक सफर
घनश्याम सिंह का राजनीतिक जीवन तीन दशक से अधिक लंबा रहा है, जिसमें उन्हें कई महत्वपूर्ण जीत और हार का सामना करना पड़ा।
- 1993: कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।
- 1998: कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया, जिसके बाद पार्टी को इस सीट पर हार मिली।
- 2003: कांग्रेस के टिकट पर दोबारा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
- 2008: त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के डॉ. नरोत्तम मिश्रा विजयी रहे।
- 2013: सेवढ़ा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप अग्रवाल से करीबी अंतर से चुनाव हारे।
- 2018: सेवढ़ा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे।
- 2023: विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप अग्रवाल से पराजित हुए।
उपचुनाव पर सबकी नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव को मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने मजबूत चेहरों पर दांव लगाया है। अब चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जनसंपर्क अभियान तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह मुकाबला प्रदेश की राजनीति का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।


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