एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026: सोलर प्रोजेक्ट, केन-बेतवा लिंक और पर्यटन में ऐतिहासिक समझौते



 वाराणसी की धरा पर मंगलवार को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रिश्तों में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026' में शिरकत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारने का बड़ा रोडमैप पेश किया।

इस सम्मेलन का मुख्य सार दोनों राज्यों की साझी विरासत और विकास की जुगलबंदी में नजर आया, जो अब अध्यात्म के साथ-साथ सौर ऊर्जा और जल प्रबंधन के जरिए भी एक नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


🔴 मुरैना में 2000 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर मुरैना में 2000 मेगावाट की संयुक्त सौर ऊर्जा परियोजना पर तेजी से काम कर रहे हैं।

इस परियोजना से किसानों को सस्ती बिजली मिलेगी और खेती के लिए ग्रीन एनर्जी का मजबूत विकल्प उपलब्ध होगा। यह योजना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगी।


🟡 केन-बेतवा लिंक परियोजना से मिलेगा जल

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी मिलेगा।

इससे बुंदेलखंड के सूखे क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बेहतर होगी, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी।


🟢 महाकाल और काशी विश्वनाथ के बीच समझौता

सम्मेलन में धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विकास को लेकर कई अहम समझौते हुए:

👉 काशी विश्वनाथ और महाकाल मंदिर के बीच MoU
👉 MPIDC और यूपी उद्योग विभाग के बीच निवेश समझौता

इससे पर्यटन और उद्योग दोनों क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।


🔵 निष्कर्ष

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह सम्मेलन दोनों राज्यों के विकास और सहयोग का नया अध्याय है।

यह पहल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।

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