सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में जुटी मध्य प्रदेश पुलिस, रेलवे सुरक्षा समिति के साथ डीजीपी की बैठक


भोपाल, 29 अप्रैल। 

साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस की रणनीति में रेलवे सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और तकनीक आधारित व्यवस्था को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।

बुधवार को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य रेलवे सुरक्षा समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अभी से लंबी अवधि की योजना और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि राज्य का विस्तृत रेलवे नेटवर्क सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को संभालने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा। यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पहले से रणनीति, लगातार निगरानी और विभागों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है।

बैठक में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, निगरानी तंत्र बेहतर बनाने, रेल पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संवेदनशील स्टेशनों पर विशेष तैयारियां बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा अपराध रोकथाम, यात्रियों की सुरक्षा, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा, तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने सिंहस्थ के दौरान रेलवे पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने, भारी यात्री संख्या संभालने, स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने और भीड़ नियंत्रण के लिए समन्वित व्यवस्था लागू करने पर विचार-विमर्श किया।

इसी के साथ उज्जैन में जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर दिया गया है। 22 अप्रैल से शुरू हुए 21 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को बड़े आयोजन के प्रबंधन के लिए सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में 117 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो बाद में विभिन्न जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में भीड़ प्रबंधन, आपदा से निपटना, खराब मौसम में कार्य प्रणाली और श्रद्धालुओं से बेहतर संवाद जैसे विषय शामिल हैं।

अधिकारियों को फील्ड विजिट भी कराई जा रही है, ताकि वे मौके पर जाकर प्रवेश-निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग और प्रमुख स्थलों पर भीड़ की आवाजाही का आकलन कर सकें।

राज्य सरकार रेलवे सुरक्षा योजना और जमीनी प्रशिक्षण को साथ जोड़कर सिंहस्थ 2028 के लिए एक बेहतर, आधुनिक और प्रभावी पुलिस व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षा, सुगम यातायात और बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें।

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