छतरपुर में पत्रकारों का फूटा गुस्सा: अर्थी निकालकर किया चक्काजाम, SP ऑफिस घेराव, प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल

 

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सोमवार को पत्रकारों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बिजावर क्षेत्र के पत्रकार राकेश राय के साथ हुई मारपीट और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई से नाराज पत्रकारों ने जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली, कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक रैली निकाली, नारेबाजी की और बाद में चक्काजाम कर दिया। पूरे प्रदर्शन के दौरान जिलेभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

क्या है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि बिजावर क्षेत्र के पत्रकार राकेश राय ने शराब दुकानों पर MRP से अधिक कीमत पर शराब बेचने और अनियमितताओं को लेकर कवरेज की थी। आरोप है कि इसी के बाद शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना में पत्रकार को गंभीर चोटें आईं, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं।

मामले ने तूल तब पकड़ लिया जब आरोप लगा कि पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के बजाय स्थानीय पुलिस ने उल्टा उन्हीं पर FIR दर्ज कर दी। इसके बाद जिलेभर के पत्रकारों में रोष फैल गया और आंदोलन की रणनीति बनाई गई।

सर्किट हाउस से शुरू हुआ प्रदर्शन

सोमवार सुबह जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार सर्किट हाउस में एकत्र हुए। यहां बैठक के बाद सभी पत्रकारों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रैली निकाली। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पत्रकार न्याय की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े।

रैली के दौरान “दोषियों पर कार्रवाई करो पत्रकारों पर हमला बंद करो न्याय दो जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन में कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

प्रशासनिक अधिकारियों की निकाली अर्थी

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने प्रशासनिक अधिकारियों के विरोध में प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। चौबे तिराहा और अन्य प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यह अर्थी जिला कलेक्ट्रेट और बाद में SP कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे।

यह प्रदर्शन प्रशासन के खिलाफ नाराजगी का बड़ा संदेश माना जा रहा है।

SP ऑफिस के बाहर चक्काजाम

पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, जहां ज्ञापन सौंपने की कोशिश की गई। आरोप है कि काफी देर तक अधिकारी बाहर नहीं आए, जिससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और बढ़ गया।

इसके बाद पत्रकारों ने SP ऑफिस के बाहर सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में अधिकारियों ने बाहर आकर ज्ञापन लिया और मामले की जांच का आश्वासन दिया।

पत्रकारों ने उठाई ये मांगें

प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं

पत्रकार राकेश राय पर हमला करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी

आरोपियों पर सख्त धाराओं में मामला दर्ज हो

राकेश राय पर दर्ज FIR वापस ली जाए

संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो

पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

मौके पर पत्रकारों से हुई बातचीत

प्रदर्शन के दौरान कई पत्रकारों ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज के सम्मान और सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों पर हमले होते रहे और प्रशासन चुप रहा, तो लोकतंत्र कमजोर होगा।

कई पत्रकारों ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन ने क्या कहा

प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराने और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रशासन ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

छतरपुर में हुआ यह प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि पत्रकार सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग का बड़ा संदेश है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कदम उठाता है।

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