छतरपुर में बड़ा घोटाला! सरकारी रिकॉर्ड में तीन जिंदा लोगों को बताया मृत, पंचायत सचिव निलंबित

 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से प्रशासनिक लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले की चंद्रापुरा ग्राम पंचायत में सरकारी रिकॉर्ड में तीन जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उनकी विधवा पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो गया।

आरोप है कि पंचायत सचिव अमर सिंह ने रमाबाई रायकवार, गिरजा विश्वकर्मा और कल्लू अहिरवार के नाम पर गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। पीड़ितों को इस गड़बड़ी की जानकारी तब लगी, जब उनके खातों में मिलने वाली पेंशन और अन्य लाभ रुक गए।

जब उन्होंने संबंधित विभागों में जानकारी ली, तो पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत दर्शाया गया है। इसके बाद पीड़ितों ने प्रशासन से शिकायत की, जिस पर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शुरुआती जांच में इसे गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन का मामला माना गया है।

हालांकि, कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी गलती या कंप्यूटर संचालन की जानकारी के अभाव में भी हो सकता है, लेकिन फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना चुनावी रंजिश से जुड़ी हो सकती है, क्योंकि पीड़ितों ने पंचायत चुनाव के दौरान सरपंच के विरोध में काम किया था। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है।

यह मामला सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता और ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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