हज यात्रियों से ₹10,000 एक्स्ट्रा मांगे जा रहे? ओवैसी बोले- ये शोषण है, सर्कुलर वापस ले सरकार

 

हज 2026 को लेकर नया विवाद सामने आया है। Asaduddin Owaisi ने हज यात्रियों से अतिरिक्त ₹10,000 वसूले जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सरासर शोषण बताया है। उन्होंने सरकार से इस सर्कुलर को तुरंत वापस लेने की मांग की है।



ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि हज कमेटी यात्रियों से  हवाई किराए में अंतर के नाम पर ₹10,000 अतिरिक्त मांग रही है, जबकि कुछ महीने पहले ही हर यात्री से करीब ₹90,844 रुपये लिए जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हज कमेटी के जरिए जाने वाले यात्रियों को सजा दी जा रही है? उनके मुताबिक ज्यादातर हज यात्री आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होते और वे सालों तक पैसे जोड़कर इस यात्रा पर जाते हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त बोझ गलत है।

दरअसल, Haj Committee of India ने 28 अप्रैल 2026 को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें हज 2026 के सभी यात्रियों को ₹10,000 अतिरिक्त जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्कुलर के मुताबिक यह राशि “डिफरेंशियल एयरफेयर” के तौर पर ली जा रही है और सभी यात्रियों को 15 मई 2026 तक यह रकम जमा करनी होगी।

सर्कुलर में कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों की वजह से एयरलाइंस ने किराए में बढ़ोतरी की मांग की थी। इसी के चलते यह फैसला लिया गया है। यह अतिरिक्त शुल्क सभी यात्रियों पर लागू होगा, चाहे वे किसी भी शहर से यात्रा कर रहे हों।

इस मुद्दे पर अब सियासत तेज होती दिख रही है। एक तरफ हज कमेटी इसे परिस्थितियों के चलते जरूरी कदम बता रही है, तो वहीं ओवैसी और अन्य लोग इसे आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बता रहे हैं।

subscribe on bharat junction news youtube channel

Post a Comment

Previous Post Next Post