हज यात्रा 2026 को लेकर हवाई किराये में बढ़ोतरी का मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। Chandrashekhar Azad ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju को पत्र लिखकर हज यात्रियों को राहत देने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
1 मई 2026 को लिखे गए इस आधिकारिक पत्र में सांसद ने बताया कि हज यात्रा 2026 के दौरान हवाई किराये में अचानक वृद्धि की गई है।
पत्र के अनुसार, विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में वृद्धि के कारण प्रति हज यात्री लगभग ₹10,000 अतिरिक्त शुल्क जोड़ा गया है।
पत्र में क्या कहा गया?
सांसद Chandrashekhar Azad ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि:
“यह अचानक की गई वृद्धि हज यात्रियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न कर रही है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि:
यात्रा के दौरान अतिरिक्त शुल्क लगाना हज यात्रियों की भावनाओं के साथ अन्याय है।
यात्रियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि
कई हज यात्री पहले ही अपनी पूरी यात्रा राशि जमा कर चुके हैं
कुछ यात्री यात्रा पर जा भी चुके हैं
ऐसे में अचानक अतिरिक्त ₹10,000 का बोझ डालना उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है
सरकार से क्या मांग की गई?
सांसद ने केंद्र सरकार से तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
हवाई किराये में हुई वृद्धि की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाए
यात्रियों पर डाले गए ₹10,000 के अतिरिक्त बोझ को वापस लिया जाए या सरकार स्वयं वहन करे
भविष्य में ऐसे निर्णय यात्रा शुरू होने से पहले स्पष्ट किए जाएं
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
हज यात्रा एक धार्मिक और भावनात्मक यात्रा है, जिसमें बड़ी संख्या में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग शामिल होते हैं। ऐसे में किराये में अचानक वृद्धि उनके लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ सकती है।
हज यात्रा 2026 में हवाई किराये की बढ़ोतरी को लेकर उठे इस मुद्दे ने अब सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। सांसद द्वारा उठाए गए इस विषय पर अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार क्या कदम उठाती है और क्या हज यात्रियों को राहत मिलती है।



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