ललितग्राम रेलवे स्टेशन पर सुबह-सुबह दिल्ली जाने के लिए पहुंचे कुछ मजदूरों ने टिकट काउंटर पर पैसे की हेराफेरी का आरोप लगाया। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने टिकट के लिए 2500 रुपये दिए थे, लेकिन टिकट काटने के बाद काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने कहा कि उसे सिर्फ 2000 रुपये ही मिले हैं।
मजदूरों ने इस पर विरोध जताते हुए CCTV फुटेज चेक करने की मांग की। उनका कहना था कि उन्होंने पूरे 2500 रुपये दिए थे, लेकिन जानबूझकर पैसे कम बताए गए। आरोप है कि टिकट काउंटर पर बैठे कुछ कर्मचारी यात्रियों की जल्दबाजी और मजबूरी का फायदा उठाकर इस तरह की हरकतें करते हैं।
यात्रियों के मुताबिक टिकट काउंटर पर धोखाधड़ी के दो आम तरीके अपनाए जाते हैं। पहला तरीका यह है कि यदि कोई यात्री 50 रुपये का टिकट लेकर 500 रुपये देता है तो कर्मचारी सामने ही 450 रुपये गिनता है, लेकिन वापस करते समय एक नोट नीचे गिरा देता है। यात्री को लगता है कि पैसे सही दिए गए हैं और वह जल्दबाजी में बिना दोबारा गिने निकल जाता है।
दूसरा तरीका बड़े अमाउंट वाले टिकट में अपनाया जाता है। आरोप है कि जब यात्री कई नोट एक साथ देता है तो गिनती के दौरान एक नोट अलग गिरा दिया जाता है और बाद में कहा जाता है कि पैसे कम हैं। मजदूरों का दावा है कि लालितग्राम स्टेशन पर भी उनके साथ इसी तरह की घटना हुई।
यात्रियों का कहना है कि काउंटर पर बैठे कर्मचारी पहले यह देखते हैं कि यात्री को कौन-सी ट्रेन पकड़नी है और वह कितनी जल्दी में है, फिर उसी हिसाब से उसे निशाना बनाया जाता है।
ऐसी घटनाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। कई यात्रियों ने दावा किया कि शिकायत करने के बावजूद अक्सर कार्रवाई नहीं होती। एक यात्री ने बताया कि उसके साथ भी दिल्ली मेट्रो में इसी तरह की घटना हो चुकी है, लेकिन शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं

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