आशा एकता संघ के बैनर तले सरकार और प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन, लंबित भुगतान जारी करने की मांग
छतरपुर। मध्य प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। आशा एकता संघ मध्यप्रदेश के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल हुईं। उन्होंने सरकार से बंद की गई प्रोत्साहन राशि को पुनः शुरू करने और लंबित भुगतान जारी करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह मानदेय के साथ विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन अप्रैल 2026 से कई महत्वपूर्ण कार्यों पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि बंद कर दी गई है।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के शीघ्र पंजीयन, स्कूल जाने वाले बच्चों के मोबिलाइजेशन और एनआरसी में भर्ती बच्चों के फॉलोअप जैसे कार्यों पर मिलने वाली राशि बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि वे गांव और शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसके बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बंद की गई प्रोत्साहन राशि को तत्काल बहाल किया जाए, लंबित भुगतान जारी किए जाएं और आशा कार्यकर्ताओं की अन्य लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लिया जाए।
आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आशा कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर उनके मानदेय और प्रोत्साहन राशि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। अब सभी की नजरें सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि उनकी मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।


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