नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए आवाज़ उठाने वाले सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल शुक्रवार को समाप्त कर दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
सोनम वांगचुक ने यह भूख हड़ताल परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू की थी। पिछले कई दिनों से उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत तेज हुई।
सरकार की ओर से क्या मिला आश्वासन?
बैठक के दौरान केंद्र सरकार की ओर से आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और छात्रों की चिंताओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इसके साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल युवाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का भी आश्वासन दिया गया। इसी आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया।
वांगचुक ने क्या कहा?
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर था। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अपने आश्वासनों को जल्द अमल में लाएगी और छात्रों के हितों की रक्षा करेगी।
आगे क्या?
हालांकि भूख हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सरकार अपने वादों को समय पर पूरा नहीं करती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार अपने आश्वासनों को किस तरह लागू करती है।



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