दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा की जनसभा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए, जबकि कांग्रेस की ओर से टिकट नहीं मिलने से नाराज वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।
मंच पर भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित जनसभा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भावुक अंदाज में पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा में किसी तरह की फूट नहीं है और सभी नेता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे आशुतोष तिवारी को भारी मतों से विजयी बनाने के लिए दतिया के एक-एक घर तक जाएंगे और जनता का आशीर्वाद मांगेंगे। इस दौरान उनका गला भर आया और कुछ पल के लिए वे भावुक हो गए।
कांग्रेस प्रत्याशी पर साधा निशाना
अपने संबोधन में डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने उन्हें "एक्सपायरी डेट की होम्योपैथी की गोली" बताते हुए कहा कि वह भले ही मीठी लगे, लेकिन उसका कोई असर नहीं होता।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मंच से नरोत्तम मिश्रा पर भरोसा जताते हुए कहा कि आशुतोष तिवारी की चुनावी जिम्मेदारी अब उनके हाथों में है और वे उन्हें जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
भाजपा उम्मीदवार ने दाखिल किया नामांकन
भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नामांकन से पहले शहर में विशाल रैली भी निकाली गई।
कांग्रेस ने भी किया शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने सोमवार सुबह लगभग 11:30 बजे अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके बाद कांग्रेस ने भी जनसभा कर चुनावी माहौल बनाने का प्रयास किया।
अवधेश नायक की नाराजगी बनी चर्चा का विषय
कांग्रेस की जनसभा से वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया। टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे नायक ने पार्टी नेतृत्व पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ।
उन्होंने दावा किया कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनके साथ ऐसा ही हुआ था और इस बार भी टिकट देने का आश्वासन पूरा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सामने सभी राजनीतिक विकल्प खुले हैं और वे आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने मंच से मांगी माफी
अवधेश नायक की नाराजगी को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस की जनसभा के मंच से सार्वजनिक रूप से उनसे माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले उन्होंने नायक की उम्मीदवारी का विरोध किया था, लेकिन 2023 के चुनाव में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यदि उनके किसी व्यवहार से अवधेश नायक की भावनाएं आहत हुई हों तो वे हाथ जोड़कर क्षमा मांगते हैं।
दतिया में तेज हुआ चुनावी मुकाबला
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही दतिया विधानसभा उपचुनाव का राजनीतिक मुकाबला और तेज हो गया है। भाजपा जहां संगठन की एकजुटता और नेतृत्व के भरोसे चुनावी मैदान में उतरी है, वहीं कांग्रेस को अपने ही नेताओं की नाराजगी से जूझना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में दोनों दलों का प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है, जिससे दतिया का चुनाव प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल होता नजर आ रहा है.


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