छतरपुर में अवैध उत्खनन और ब्लास्टिंग के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

 

छतरपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला जिले के मोरवा ग्राम पंचायत में 'एमकेसी कंपनी' (MKC Company) द्वारा किए जा रहे अवैध उत्खनन और हैवी ब्लास्टिंग के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। 

ग्रामीणों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक लिखित आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के मालिक, मैनेजर और एजीएम द्वारा अवैध ब्लास्टिंग का विरोध करने पर ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।स्कूल और आंगनवाड़ी के पास दिन-रात ब्लास्टिंगग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार, ग्राम मोरवा के आराजी खसरा क्रमांक 1219, 1143, 1085 (मौजा मोरवा पटवारी हल्का नंबर 08, खजुराहो मंडल) में स्थित पहाड़ी पर एमकेसी कंपनी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से दिन-रात पत्थर और मुरम का अत्यधिक गहरा और बड़ा होल बनाकर डायनामाइट ब्लास्टिंग की जा रही है।इस ब्लास्टिंग क्षेत्र से महज 400 मीटर की दूरी पर शासकीय माध्यमिक शाला (स्कूल) स्थित है, जहां कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 200 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। 

इसके अलावा पास में ही ग्राम पंचायत भवन और आंगनवाड़ी केंद्र भी संचालित हैं, जहां रोज 25 से 30 छोटे बच्चे आते हैं। पास ही में सहकारी समिति कार्यालय (सरकारी राशन दुकान) भी स्थित है।घरों में आ रहीं दरारें, बना रहता है जान-माल का खतराआवेदन में बताया गया है कि पहाड़ी की तलहटी के पास ही ग्रामीणों के आवासीय मकान हैं। नियम विरुद्ध की जा रही इस हैवी ब्लास्टिंग के कारण ग्रामीणों के घरों में तेज कंपन (झटके) महसूस किए जा रहे हैं, जिससे मकानों की दीवारों में दरारें आ रही हैं।इसके साथ ही, अवैध उत्खनन स्थल के दोनों तरफ किसानों की कृषि योग्य भूमि है और दोनों ओर से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क भी गुजरती है। इस सड़क पर लगातार आम लोगों और राहगीरों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने और जान-माल के नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस अवैध उत्खनन और ब्लास्टिंग को तुरंत रुकवाने और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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