थाना कोतवाली पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार- फ्रॉड में प्रयुक्त मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड एवं बैंक खातों की जानकारी बरामद

 

पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा द्वारा साइबर अपराधों को अंजाम देने वाले साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु जिले के संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस को विगत दिवस झांसी-छतरपुर हाईवे स्थित लाइफलाइन हॉस्पिटल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति द्वारा साइबर फ्रॉड किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर थाना कोतवाली पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस टीम को देखकर संदिग्ध व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, जिसे पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया।

पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध व्यक्ति के पास मिले मोबाइल फोन एवं 6 एटीएम कार्ड की जांच की गई। उक्त एटीएम कार्ड अलग-अलग बैंकों एवं अलग-अलग व्यक्तियों के पाए गए। साथ ही संदिग्ध के पास 4 बैंक खातों से संबंधित जानकारी भी प्राप्त हुई। मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड एवं बैंक खातों की जानकारी को अधिकृत पोर्टल के माध्यम से चेक करने पर इनके विरुद्ध 9 साइबर शिकायतें दर्ज होना पाया गया।

पुलिस द्वारा विधिवत कार्यवाही करते हुए साइबर फ्रॉड में संलिप्त आरोपी अंकुश विश्वकर्मा पिता राकेश विश्वकर्मा, निवासी ग्राम उमरी, तहसील नागौद, जिला सतना को गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लिया गया। आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

पूछताछ एवं जांच के दौरान साइबर फ्रॉड में आरोपी के सहयोगी के संबंध में भी जानकारी प्राप्त हुई है, जिसकी तलाश पुलिस टीम द्वारा की जा रही है। प्रकरण में जांच एवं विवेचना कार्यवाही जारी है।

उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सतीश सिंह, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर, थाना अलीपुरा प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र सोनी, उप निरीक्षक कुलदीप सिंह जादौन, आरक्षक नरेश सिंह, संदीप, अरुण, अजय मिश्रा, आबिद खान, साइबर से आरक्षक मयंक यादव, धर्मराज एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Post a Comment

Previous Post Next Post