छतरपुर। जिले के ईशानगर रोड स्थित रसुईया-खडगांय क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक दलित परिवार ने मारपीट और जान से मारने की धमकी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और शिकायती आवेदन देकर मामले में कार्रवाई, निष्पक्ष जांच तथा सुरक्षा की मांग की।
पेड़ काटने और तारबारी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
पीड़ित धनीराम अहिरवार के मुताबिक, विवाद उनकी जमीन पर लगे पेड़ों को काटने और तारबारी हटाने को लेकर शुरू हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग उनकी जमीन पर लगे पेड़ काट रहे थे और फेंसिंग हटाने का प्रयास कर रहे थे। परिवार ने जब इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसके बाद बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह, माधव सिंह और शैलू सिंह समेत अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। धनीराम के अनुसार, हमले में उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं।
बेटे को बचाने पहुंची बुजुर्ग मां से भी मारपीट का आरोप
शिकायत के अनुसार, धनीराम के साथ मारपीट होते देखकर उनकी बुजुर्ग मां बीच-बचाव करने पहुंचीं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गईं।
परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद उन्हें मामला वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। इसी वजह से परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
SP कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार अपने अन्य लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। यहां शिकायती आवेदन सौंपकर नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
पीड़ित परिवार चाहता है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच करे और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, मारपीट और धमकी से जुड़े ये आरोप पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छतरपुर से भारत जंक्शन न्यूज़ की रिपोर्ट।

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