छतरपुर। जिले के गुलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पीरा निवासी एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर बुरी नीयत से पकड़ने, सीना दबाने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक छतरपुर को लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुबह घर में घुसकर बदसलूकी का आरोप
पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन के अनुसार, 19 अगस्त 2026 की सुबह करीब 7 बजे महिला अपने घर के अंदर मंजन कर रही थी। इसी दौरान राजेश अहिरवार और सूरज अहिरवार के घर में आने और उसे बुरी नीयत से पकड़ने का आरोप लगाया गया है। महिला के अनुसार, दोनों ने उसका सीना दबाया, जिसके बाद उसने चिल्लाना शुरू किया।
आवेदन में बताया गया है कि आवाज सुनकर महिला का देवर राजू और सास गौरीबाई मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद राजेश अहिरवार और सूरज अहिरवार ने महिला और उसके देवर के साथ डंडों से मारपीट की।
देवर और सास के साथ भी मारपीट का आरोप
महिला ने आवेदन में बताया है कि मारपीट के दौरान उसे सिर, हाथ और पीठ सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। वहीं उसके देवर राजू के सिर, हाथ-पैर और बाएं कंधे में चोट लगने की बात कही गई है। महिला के अनुसार, दोनों को लगी चोटों के कारण सिर में टांके भी लगाए गए।
आवेदन में आगे प्रभु अहिरवार और गनेशा अहिरवार पर भी लात-घूंसों से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। महिला ने आरोप लगाया कि प्रभु ने उसके बाल पकड़कर उसे घसीटा। वहीं नुन्नू अहिरवार पर उसकी सास के साथ मारपीट करने और जमीन पर पटकने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
महिला का कहना है कि घटना की शिकायत गुलगंज थाने में की गई थी, लेकिन उसके अनुसार घटना जैसी हुई थी, उस तरह से कार्रवाई नहीं की गई। आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं, जिसके कारण पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है।
महिला ने यह भी दावा किया है कि इससे पहले भी उसके साथ गलत हरकत हुई थी, लेकिन उस मामले में कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों का मनोबल बढ़ गया।
एसपी से अपराध दर्ज कर कार्रवाई की मांग
महिला ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसके साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में राजेश अहिरवार, सूरज अहिरवार, प्रभु अहिरवार, गनेशा अहिरवार और नुन्नू अहिरवार के खिलाफ मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामला महिला द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के आधार पर सामने आया है। आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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