छतरपुर। मंगलवार को छतरपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में एक शिक्षक के लापता होने का मामला सामने आया। लापता शिक्षक की पहचान राकेश द्विवेदी के रूप में हुई है। उनकी पत्नी रचना द्विवेदी ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर पति की तत्काल तलाश कराने की मांग की है।
21 सितंबर की सुबह से लापता हैं राकेश द्विवेदी
परिजनों के मुताबिक, राकेश द्विवेदी सोमवार 21 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे घर से निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है और प्रशासन से भी मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
विभागीय अधिकारियों पर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के आरोप
परिजनों द्वारा कलेक्टर को दिए गए शिकायत आवेदन में राजनगर के बीआरसी अतुल चतुर्वेदी और डीपीसी अरुण शंकर पांडे सहित अन्य विभागीय अधिकारियों पर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
परिजनों का आरोप है कि राकेश द्विवेदी को बीआरसी पद से हटाने और दोबारा नियुक्ति के लिए पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत के अनुसार, उन्हें हर 15 से 20 दिन में नोटिस जारी किए जाते थे, जिनका वे लिखित जवाब देते रहे।
रिकॉर्डिंग होने का भी दावा
परिजनों ने शिकायत में दावा किया है कि अधिकारियों के साथ हुई बातचीत से जुड़ी कुछ रिकॉर्डिंग राकेश द्विवेदी के मोबाइल में मौजूद हैं। परिवार ने इन रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।
पांच-छह महीने से वेतन नहीं मिलने का दावा
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि राकेश द्विवेदी को पिछले करीब पांच-छह महीनों से वेतन नहीं मिला था, जिसके चलते परिवार आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था।
इसके अलावा, हाल ही में स्कूल में आयोजित पुस्तक वितरण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने को लेकर भी उन्हें नोटिस जारी किए जाने की बात परिजनों ने कही है।
परिवार ने प्रशासन से लगाई तलाश की गुहार
राकेश द्विवेदी के परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से उनकी तत्काल तलाश कराने की मांग की है। साथ ही उनके मोबाइल फोन और मामले से जुड़े अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग भी की गई है।
हालांकि, शिकायत में जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, इस मामले में उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी फिलहाल नहीं हुई है।


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