सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से 30 से अधिक लोगों की मौत के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि एसपी हर महीने 50 लाख रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) से कराने और एसपी को हटाने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह जहरीली शराब कांड के बाद सागर पहुंचे थे। शनिवार और रविवार को उन्होंने प्रभावित परिवारों तथा स्थानीय कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने शराब माफिया को राजनीतिक, प्रशासनिक और पुलिस संरक्षण मिलने का आरोप लगाया।
मुरैना का भी किया जिक्र
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इससे पहले मुरैना जिले में भी जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हुई थी। उस समय सागर एसपी अनुराग सुजानिया ही मुरैना के एसपी थे। अब सागर में भी जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया है और यहां भी वही अधिकारी एसपी हैं।
दिग्विजय सिंह ने एसपी अनुराग सुजानिया को हटाकर उनके खिलाफ EOW से जांच कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हैं, तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का दावा कर सकते हैं। दिग्विजय सिंह का दावा है कि वह अवैध वसूली से जुड़े अपने आरोपों को अदालत में प्रमाणित कर देंगे।
वहीं, एसपी अनुराग सुजानिया ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।
न्यायिक जांच पर भी दिग्विजय ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने जहरीली शराब मामले में चल रही न्यायिक जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों या एजेंसियों से जांच कराई जा रही है, उन पर उन्हें भरोसा नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि जब किसी मामले में लीपापोती करनी होती है, तब न्यायिक जांच बैठा दी जाती है। उन्होंने शराब कारोबारियों और राजनेताओं के बीच कथित संबंधों की भी जांच कराने की मांग की।
चार प्रभावित परिवारों को गोद लेने की घोषणा
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब कांड के पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि पीड़ित परिवारों को कितना और कब तक मुआवजा दिया जाएगा।
इस दौरान दिग्विजय सिंह ने चार मृतकों भोला अहिरवार, राम स्वरूप अहिरवार, भोपाली आदिवासी और धन सिंह अहिरवार के परिवारों को गोद लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे प्रत्येक परिवार को 10 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता देंगे और बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उठाएंगे।

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