महिला अयोग अध्यक्ष रेखा यादव ने निभाया जनप्रतिनिधि का फ़र्ज

 

मुख्यमंत्री से करवाई केन वेतवा लिंक से प्रभावित आदिवासियो की बात_ 

छतरपुर (बिजावर)। केन-बेतवा लिंक परियोजना से उजड़े आदिवासियों की सुध लेने आखिरकार एक जनप्रतिनिधि ढोढन गांव पहुंची। मंगलवार को मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव मुख्य मार्ग बंद होने के बावजूद पैदल चलकर विस्थापित परिवारों के बीच पहुंचीं और दो महीने से चल रहे आंदोलन की हकीकत जानी।

रेखा यादव ने विस्थापित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांगों को दबने नहीं दिया जाएगा। मौके पर ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फोन पर बात कराकर आदिवासियों की स्थिति से सीधे अवगत कराया। उन्होंने कहा, “जनसेवक वही है जो आम जनता की विपत्ति के समय साथ खड़ा हो। हम आपके साथ हैं और आपकी आवाज ऊपर तक पहुंचाएंगे।

गौर करने वाली बात यह है कि केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासी लगभग दो महीने से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान खजुराहो और टीकमगढ़ के सांसदों समेत जिले के पांच भाजपा विधायकों में से किसी ने भी ढोढन और पलकौंहा गांव का रुख नहीं किया। पूरा मामला जिला प्रशासन के भरोसे छोड़ दिया गया।

ऐसे में बड़ामलहरा की पूर्व विधायक और वर्तमान महिला आयोग अध्यक्ष रेखा यादव का विस्थापितों के बीच पहुंचना सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित आदिवासी महिलाओं ने खुलकर कहा, “पहली बार किसी बीजेपी नेता ने हमारी सुध ली है।

अब देखना यह है कि महिला आयोग अध्यक्ष के हस्तक्षेप और मुख्यमंत्री तक सीधे पहुंचने के बाद प्रशासन और सरकार विस्थापित आदिवासियों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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