कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद भी दबंगों ने जबरन जोता खेत, विरोध करने पर दलित परिवार को पीटा व छीना मोबाइल, एसपी से शिकायत

 

कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद भी दबंगों ने जबरन जोता खेत
विरोध करने पर दलित परिवार को पीटा व छीना मोबाइल, एसपी से शिकायत

छतरपुर। बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम संदना में हाई कोर्ट के स्थगन आदेश का उल्लंघन कर एक गरीब दलित परिवार की पट्टे की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने और विरोध करने पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है. पीडि़त लक्ष्मण अहिरवार ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि उनके पिता सुन्नी अहिरवार के नाम ग्राम संदना में स्थित खसरा क्रमांक 427 कृषि भूमि शासन द्वारा पट्टे पर प्रदान की गई थी, जिस पर उनका परिवार शुरू से खेती कर रहा है और वर्तमान में यह मामला जबलपुर हाई कोर्ट में लंबित होने के कारण इस पर न्यायालय का स्थगन आदेश भी जारी है। पीडि़तों का आरोप है कि 3 जुलाई 2026 को गांव के ही दबंग परसराम तिवारी, मुकेश तिवारी, उमेश तिवारी, अमन तिवारी, ललित तिवारी सहित करीब 10 अन्य लोग ट्रैक्टर लेकर उनके खेत पर आए और जबरन जुताई करने लगे। जब पीडि़त ने उन्हें मना किया, तो दबंगों ने लाठी-डंडों से उनके साथ, उनकी पत्नी, भाइयों और चाची के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे आवेदक का हाथ टूट गया। इस दौरान जब पीडि़त की पत्नी घटना का वीडियो बनाने लगी, तो ललित तिवारी नामक आरोपी ने उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया और सभी को जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पीडि़त परिवार ने बमीठा पुलिस पर भी आरोपियों से सांठगांठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने मोबाइल छीनने की धारा नहीं लगाई और उलटा पीडि़त परिवार पर ही मारपीट का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। पीडि़तों ने एसपी से मोबाइल छीनने की धारा बढ़ाने, निष्पक्ष जांच कराने और दबंग आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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