छतरपुर। थाना सिविल लाइन पुलिस ने चोरी एवं नकबजनी की चार घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, मोटरसाइकिल, गैस सिलेंडर, एलईडी टीवी सहित करीब 3 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है।
पुलिस के अनुसार थाना सिविल लाइन क्षेत्र में मार्च माह में छत्रसाल नगर स्थित एक घर, अप्रैल माह में गुरैया रोड छात्रावास के पास निवास तथा अगस्त माह में सटई रोड स्थित गल्ला दुकान में चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों में थाना सिविल लाइन में भारतीय न्याय संहिता के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे।
चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक छतरपुर रजत सकलेचा ने मामलों की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी की संपत्ति बरामद करने के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने घटनास्थलों और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेख आजाद पिता शेख लियाकत निवासी शेखर की बगिया, छतरपुर और राकेश उर्फ राका अनुरागी पिता रतिराम अनुरागी निवासी अमानगंज मोहल्ला, लोधीकुइया, छतरपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने थाना सिविल लाइन क्षेत्र की तीन चोरी तथा थाना कोतवाली क्षेत्र की एक चोरी सहित कुल चार वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। इनमें गुरैया रोड छात्रावास, छत्रसाल नगर, सटई रोड गल्ला मंडी और बुद्ध विहार कॉलोनी में हुई चोरी की घटनाएं शामिल हैं।
आरोपियों के कब्जे से 3 गैस सिलेंडर, 2 एलईडी टीवी, 1 मोटरसाइकिल, 1 मोटरसाइकिल का ढांचा तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी शेख आजाद के खिलाफ चोरी और मारपीट सहित 22 अपराध दर्ज हैं, जबकि राकेश उर्फ राका के खिलाफ चोरी, मारपीट और अवैध शराब सहित 12 अपराध दर्ज हैं।
इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आशुतोष श्रोत्रिय, थाना प्रभारी बंशिया उप निरीक्षक संजय पांडेय, उप निरीक्षक बिंदू विश्वास, सहायक उप निरीक्षक सीताराम, प्रधान आरक्षक राजू एवं रूपेश, आरक्षक हरेन्द्र, दानिश, अमन, धीरेन्द्र, हरिशरण, प्रशान्त तथा साइबर सेल से विजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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